पटना, 15 अगस्त 2026 : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गांधी मैदान में आयोजित समारोह में बिहार के विकास को लेकर सरकार का एक विस्तृत रोडमैप पेश किया। उन्होंने उद्योग, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बिजली, सिंचाई और पर्यटन समेत कई क्षेत्रों में बड़े ऐलान किए। सरकार ने पांच लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश का लक्ष्य रखा है। वहीं परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने की घोषणा की गई है।

परीक्षा में गड़बड़ी पर कसेगा शिकंजा

शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाने की बात कही है। सीएम ने कहा कि परीक्षाओं को निष्पक्ष और बेहतर तरीके से कराने के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी। इसके अलावा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए भी उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने की घोषणा की गई है। विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए 17 अगस्त से विद्यार्थी सहयोग पोर्टल शुरू करने की बात कही गई है। इस पोर्टल पर छात्रावास, कोचिंग व शिक्षण संस्थानों से जुड़ी शिकायतों का 30 दिनों में समाधान करने का लक्ष्य रखा गया है।

बिहार में पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य

मुख्यमंत्री के अनुसार नवंबर तक बिहार में करीब 5 लाख करोड़ रुपये का निजी निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए औद्योगिक नीति में विस्तार के साथ सेमीकंडक्टर और आईटी सेक्टर के लिए नई नीतियां तैयार की गई हैं। राज्य में 100 से अधिक औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और करीब 10 हजार एकड़ औद्योगिक भूमि की स्वीकृति की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा करीब 14,100 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया चलने की बात कही गई।

सरकारी खरीद में स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता

बिहार में बने उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी खरीद में कम से कम 30 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पांच स्टील प्लांट स्थापित करने के लिए करीब 51 हजार करोड़ रुपये के एमओयू किए गए हैं।

30 हजार भूमिहीन परिवारों को मिलेगी जमीन

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य के करीब 30 हजार भूमिहीन गरीब परिवारों को बासगीत पर्चा के रूप में जमीन देने की घोषणा की गई। वहीं, राशन कार्ड से वंचित लोगों को जोड़ने का लक्ष्य भी रखा गया है। बिहार सरकार के मुताबिक पिछले एक महीने में 30 लाख से ज्यादा लोगों को राशन कार्ड से जोड़ा जा चुका है।

हर परिवार में एक उद्यमी बनाने का लक्ष्य

राज्य सरकार ने बिहार के हर परिवार में कम से कम एक उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक स्टार्टअप, उद्यमी योजना और लघु उद्यमी योजना के तहत करीब आठ लाख लोगों को सहायता दी जा चुकी है। अब राज्य के 3.25 करोड़ से ज्यादा परिवारों में कम से कम एक उद्यमी तैयार करने की दिशा में काम करने की बात कही गई है।

हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली

बिहार में बिजली व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बिजली की उपलब्धता और खपत में बड़ा बदलाव आया है। सरकार की ओर से अमीर और गरीब सभी परिवारों को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना का भी उल्लेख किया गया।

25 चीनी मिलों को बढ़ावा देने का प्लान

बिहार में चीनी उद्योग को फिर से मजबूत करने के लिए नई चीनी मिलों पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि रामनगर की चीनी मिल शुरू हो चुकी है और अगले छह महीने में पांच और चीनी मिलों पर काम शुरू करने का लक्ष्य है। राज्य में कुल 25 चीनी मिलें स्थापित करने की योजना बताई गई। इसके साथ मखाना और जर्दालू आम जैसे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।

अस्पतालों में 36 तरह के ऑपरेशन की सुविधा

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जिला और प्रखंड स्तर के अस्पतालों की सुविधाएं बढ़ाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अस्पतालों में 36 तरह के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि 15 अगस्त के बाद बिना उचित कारण मरीजों को रेफर करने वाले सिविल सर्जनों पर कार्रवाई की जाएगी।

15 जिलों में PPP मॉडल पर मेडिकल कॉलेज

राज्य के 15 जिलों में मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों को PPP मॉडल पर संचालित करने की योजना बताई गई। साथ ही आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाकर करीब 10 करोड़ लोगों तक लाभ पहुंचाने का दावा किया गया।

सिंचाई का दायरा 21 से 44 लाख हेक्टेयर

कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार सरकार के रोडमैप का अहम हिस्सा है। मुख्यमंत्री के अनुसार वर्ष 2005 में करीब 21 लाख हेक्टेयर जमीन सिंचित थी, जो अब बढ़कर 44 लाख हेक्टेयर हो गई है। कोसी-मेची लिंक परियोजना समेत कई योजनाओं से सिंचाई का दायरा और बढ़ाने की तैयारी है। 10 हजार करोड़ रुपये की 46 परियोजनाओं पर काम चलने की जानकारी भी दी गई।

6.46 लाख शिकायतों में 95% का निस्तारण

जनता की शिकायतों के समाधान के लिए सहयोग शिविरों को लेकर भी आंकड़े सामने रखे गए। मुख्यमंत्री के मुताबिक अब तक 6,46,281 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें करीब 95 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। लापरवाही के मामलों में हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस दिए जाने की बात भी कही गई।

हर महीने होगा 'सहयोग कार्यक्रम'

जनता की समस्याओं को सीधे सुनने के लिए हर महीने के दूसरे मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय में सहयोग कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की गई है। वहीं पंचायत स्तर पर हर महीने के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस आयोजित करने की बात कही गई, ताकि स्थानीय समस्याओं और विकास कार्यों की नियमित समीक्षा हो सके।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा

बिहार के पर्यटन स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2,100 रुपये में पटना का हेलीकॉप्टर टूर कराया जा रहा है। राजगीर, वाल्मीकिनगर, कैमूर व सासाराम जैसे पर्यटन स्थलों को भी हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने की योजना है।

सीतामढ़ी में 1,000 करोड़ से मां सीता मंदिर

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सीतामढ़ी में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से मां सीता के भव्य मंदिर के निर्माण की बात कही गई। इसके अलावा बोधगया और विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर के विकास, विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना और बिहटा में तिरुपति बालाजी मंदिर के लिए जमीन उपलब्ध कराने की योजनाओं का भी जिक्र किया गया।