भागलपुर, 13 अगस्त 2026 : उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले भागलपुर के महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु पर 28 अगस्त की आधी रात से वाहनों और पैदल यात्रियों का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से में स्थायी स्लैब लगाने और जरूरी मरम्मत कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए यह फैसला लिया गया है। सरकार और निर्माण एजेंसी का लक्ष्य 30 नवंबर तक पुल पर स्थायी और निर्बाध यातायात बहाल करना है।
29 अगस्त की सुबह से पूरी तरह बंद रहेगा आवागमन
पुल निर्माण निगम खगड़िया के वरीय परियोजना अभियंता शशिभूषण कुमार के अनुसार, 28 अगस्त की रात से ही विक्रमशिला सेतु पर बैरिकेडिंग शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद 29 अगस्त की सुबह से पुल पर वाहनों के साथ पैदल यात्रियों की आवाजाही भी पूरी तरह बंद रहेगी। क्षतिग्रस्त हिस्से के लिए स्ट्रक्चर और ट्रस ब्रिज हरियाणा में तैयार किया जा रहा है। इसके अगले सप्ताह तक भागलपुर पहुंचने की उम्मीद है। सितंबर के पहले सप्ताह से मौजूदा बेली ब्रिज को हटाने के साथ मरम्मत का मुख्य काम शुरू किया जाएगा। इस दौरान चार सुपर स्ट्रक्चर, एक्सपेंशन जॉइंट और बेयरिंग को बदलने की प्रक्रिया भी की जाएगी।
तीन महीने तक बंद रहेगा विक्रमशिला सेतु
विक्रमशिला सेतु पर करीब तीन महीने तक यातायात बंद रहने से भागलपुर के साथ-साथ अंग प्रदेश, कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी। इसी को देखते हुए प्रशासन की ओर से वैकल्पिक रूट और फेरी सेवा की व्यवस्था तैयार की जा रही है। पथ निर्माण विभाग, पटना मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन मिलकर रूट डायवर्जन की अंतिम रूपरेखा तैयार करेंगे। आम लोगों और व्यावसायिक वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्तों की जानकारी पहले से उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि पुल बंद होने के बाद यातायात व्यवस्था को संभाला जा सके।
तीन मई को गंगा में गिरा था 34 मीटर लंबा स्लैब
विक्रमशिला सेतु पर यह स्थिति 3 मई की रात हुई घटना के बाद बनी। उस दौरान पिलर संख्या 4 और 5 के बीच करीब 34 मीटर लंबा स्लैब टूटकर गंगा नदी में गिर गया था। इसके बाद यातायात को अस्थायी रूप से जारी रखने के लिए बेली ब्रिज तैयार किया गया था। हालांकि, बेली ब्रिज के कारण पुल पर अक्सर जाम की समस्या सामने आती रही।
15 सितंबर के बजाय 28 अगस्त से शुरू होगा काम
पहले स्थायी मरम्मत का काम 15 सितंबर से शुरू करने की योजना थी। लेकिन पुल की स्थिति और काम की गंभीरता को देखते हुए पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र और तकनीकी टीम ने काम को पहले शुरू करने का फैसला लिया। अब 28 अगस्त की आधी रात से पुल को पूरी तरह बंद कर मरम्मत और स्थायी स्लैब निर्माण का काम शुरू किया जाएगा।
30 नवंबर तक यातायात बहाल करने का लक्ष्य
निर्माण एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती निर्धारित समय में काम पूरा करना है। राज्य सरकार का लक्ष्य 30 नवंबर तक विक्रमशिला सेतु पर स्थायी रूप से यातायात बहाल करना है। अगर काम तय समय के अनुसार पूरा होता है तो करीब तीन महीने बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच इस अहम पुल से सामान्य आवागमन फिर शुरू हो सकेगा। मगर यह सब निर्माण एजेंसी पर निर्भर करता है।




