पटना, 10 सितंबर 2026 : बिहार के लाखों पेंशनधारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को अगस्त 2026 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की। राज्य सरकार के मुताबिक, इस चरण में 105.68 लाख लाभार्थियों के खातों में कुल 1233.87 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।
मुंगेर से पेंशन राशि का किया गया ट्रांसफर
अगस्त महीने की सामाजिक सुरक्षा पेंशन जारी करने के लिए मुंगेर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कार्यक्रम में पहुंचे और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेंशन की राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी। सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र लाभार्थी को अगस्त महीने के लिए 1100 रुपये की पेंशन राशि दी गई है।
105.68 लाख लोगों को मिला लाभ
अगस्त 2026 की पेंशन के लिए राज्य के 105.68 लाख लाभार्थियों को शामिल किया गया। इन सभी लाभार्थियों के खातों में DBT के माध्यम से कुल 1233.87 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। इस व्यवस्था का उद्देश्य पेंशन राशि को सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते तक पहुंचाना है, ताकि भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
खाते में पेंशन आई या नहीं, ऐसे करें चेक
अगर आप सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थी हैं और जानना चाहते हैं कि अगस्त महीने की राशि आपके खाते में पहुंची है या नहीं, तो इसके लिए आप ये तरीके अपना सकते हैं :
मोबाइल पर बैंक SMS चेक करें
अगर आपका मोबाइल नंबर बैंक खाते से लिंक है, तो पैसे जमा होने के बाद बैंक की ओर से SMS मिल सकता है। इसलिए अपने मोबाइल के मैसेज इनबॉक्स को जरूर चेक करें।
पासबुक अपडेट कराएं
अगर मोबाइल पर SMS नहीं आया है, तो बैंक जाकर अपनी पासबुक अपडेट करा सकते हैं। पासबुक में पेंशन की राशि जमा होने की जानकारी मिल जाएगी।
बैंक जाकर जानकारी लें
लाभार्थी अपनी पासबुक लेकर बैंक शाखा में जाकर खाते का बैलेंस और लेन-देन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। राशि खाते में पहुंचने के बाद नियमानुसार ATM या बैंक के माध्यम से निकासी की जा सकती है।
किसके लिए है सामाजिक सुरक्षा पेंशन ?
बिहार सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का उद्देश्य पात्र बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांग लाभार्थियों समेत निर्धारित श्रेणियों के लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। पात्रता और भुगतान से जुड़ी जानकारी संबंधित सरकारी विभाग या बैंकिंग माध्यम से सत्यापित की जा सकती है।




