गया, 10 सितंबर 2026 : मगध मेडिकल थाना क्षेत्र में वर्ष 2025 में दो युवकों विशाल राज और यशराज की मौत का मामला 11 महीने बाद एक बार फिर चर्चा में है। दोनों युवकों के परिजनों ने अब मगध रेंज के IG से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष तरीके से दोबारा जांच कराने की मांग की है। परिजनों ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट की दोबारा विशेषज्ञ जांच, मेडिकल बोर्ड के गठन और घटना के समय मौजूद लोगों की भूमिका की पड़ताल की मांग की है।
पानी में डूबने से मौत पर परिजनों को संदेह
मृतक विशाल राज की मां मंजू देवी और यशराज की मां रिंकू देवी का कहना है कि दोनों युवकों की मौत की परिस्थितियां अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। परिजनों ने दावा किया कि दोनों शराब नहीं पीते थे और ऐसे में पानी में डूबने से मौत की कहानी को लेकर उन्हें संदेह है। परिजनों का आरोप है कि दोनों युवकों की साजिश के तहत हत्या की गई हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है। परिजनों ने IG से मांग की है कि मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों की नए सिरे से समीक्षा की जाए और यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम रिपोर्ट की दोबारा जांच की मांग
परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट की दोबारा जांच के लिए सक्षम मेडिकल बोर्ड और विशेषज्ञों की टीम गठित करने की मांग की है। उनका कहना है कि मौत की वास्तविक वजह और परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्यों का भी वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण किया जाना चाहिए।
मोबाइल, कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की मांग
मंजू देवी ने अपने आवेदन में घटना के समय दोनों युवकों के साथ मौजूद अन्य लोगों की भूमिका की जांच की मांग की है। परिजनों ने खास तौर पर मृतकों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मोबाइल डेटा से घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की जानकारी मिल सकती है। जांच में यह पता लगाने की मांग की गई है कि घटना से पहले युवकों ने किन लोगों से बातचीत की थी, किससे संपर्क हुआ था और घटना के समय मोबाइल की लोकेशन क्या थी। परिजनों ने तीसरे साथी मनोज कुमार के अब तक लापता होने और सौरभ की भूमिका समेत कई बिंदुओं की भी जांच की मांग की है।
परिवार को धमकी मिलने का भी आरोप
मृतकों के परिजनों ने आरोपी पक्ष से जुड़े कुछ लोगों पर धमकी देने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि परिवार के अन्य सदस्यों को भी धमकियां मिल रही हैं। इसी आधार पर परिजनों ने प्रशासन से परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित था विशाल राज
मंजू देवी के मुताबिक, उनके बेटे विशाल राज को राष्ट्रपति स्तर पर सम्मानित किया जा चुका था। उनका कहना है कि उनके बेटे का अपराध से कोई संबंध नहीं था और इसलिए उसकी मौत की परिस्थितियों को पूरी तरह स्पष्ट किया जाना चाहिए। परिजनों ने जांच एजेंसियों से मोबाइल, कॉल डिटेल, लोकेशन और घटना के समय मौजूद लोगों के बयानों को मिलाकर जांच करने की मांग की है।
यश की मां का दावा- फोन पर घबराया हुआ था बेटा
यशराज की मां रिंकू देवी ने भी IG से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि घटना से पहले यश उनके संपर्क में था और फोन पर वह घबराया हुआ नजर आ रहा था। रिंकू देवी के अनुसार, यश ठीक से बात नहीं कर पा रहा था और इसके बाद फोन कट गया। उन्होंने घटना में सुजीत कुमार की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने बताया कि उनके पति की करीब 16 साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद मजदूरी और दूध बेचकर उन्होंने अपने बेटे की परवरिश और पढ़ाई कराई। बेटे की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
पानी और कीचड़ से बरामद हुए थे दोनों युवकों के शव
मामले में दोनों युवकों के शव पानी की गहराई से बरामद किए गए थे। अब करीब 11 महीने बाद परिजनों की ओर से दोबारा जांच की मांग किए जाने के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में है। परिजनों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी से बदला लेना नहीं है। वे चाहते हैं कि उपलब्ध साक्ष्यों की नए सिरे से जांच हो और यह स्पष्ट किया जाए कि विशाल राज और यशराज की मौत आखिर किन परिस्थितियों में हुई थी। अब मामले में IG स्तर से आगे की जांच को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर परिजनों की नजर बनी हुई है।




