पटना: दुर्गापूजा और दशहरा के दौरान राजधानी पटना में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पूजा पंडालों से लेकर प्रतिमा विसर्जन जुलूस तक, हर गतिविधि पर प्रशासन की नजर रहेगी। भड़काऊ गाने और नारे लगाने, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और जबरन चंदा वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं। संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने और अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने को कहा गया है।
पूजा पंडाल बनाने के लिए लाइसेंस लेना जरूरी
प्रशासन के निर्देशों के मुताबिक, दुर्गापूजा के दौरान पंडाल स्थापित करने वाली समितियों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। पूजा पंडाल लगाने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। अधिकारियों को पूजा समितियों को लाइसेंस की शर्तों की जानकारी देने और नियमों से अवगत कराने का निर्देश दिया गया है।
पंडालों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम, बिजली की सुरक्षित वायरिंग और प्रवेश-निकास के रास्तों की उचित व्यवस्था करनी होगी। बड़े और महत्वपूर्ण पूजा पंडालों का फायर ऑडिट भी कराया जाएगा।
इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने पर जोर दिया गया है, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सके।
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध
दुर्गापूजा के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियंत्रित करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर निर्धारित नियम लागू रहेंगे। प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर प्रतिबंध रहेगा।
इसके साथ ही भड़काऊ गाने और नारे लगाने पर भी रोक रहेगी। धार्मिक आयोजनों के दौरान ऐसी गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी, जिनसे किसी समुदाय की भावनाएं आहत हों या इलाके में तनाव पैदा हो। पूजा समितियों को स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बनाकर आयोजन करने की सलाह दी गई है।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
त्योहार के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी और अफवाह फैलाने वालों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। धार्मिक वैमनस्य बढ़ाने या सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाली पोस्ट के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
अधिकारियों को संवेदनशील सूचनाओं पर नजर रखने और किसी भी संभावित तनाव की स्थिति में समय रहते जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने जबरन चंदा वसूली को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। पूजा के नाम पर दुकानदारों या आम लोगों पर दबाव बनाकर पैसे वसूलने की अनुमति नहीं होगी। ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूसों की ड्रोन से निगरानी
प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है। प्रशासन के निर्देशों के मुताबिक, विसर्जन जुलूसों की ड्रोन से वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इससे जुलूस के दौरान होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
आयोजकों को निर्धारित मार्ग और समय के अनुसार जुलूस निकालना होगा। जुलूस से जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों और आयोजकों की पहचान संबंधी जानकारी भी नियमानुसार दर्ज की जाएगी।
विसर्जन के लिए चिह्नित कृत्रिम घाटों और तालाबों पर विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। यहां पर्याप्त रोशनी, मजबूत बैरिकेडिंग, गोताखोरों और बचाव दल की तैनाती के साथ आपदा प्रबंधन के जरूरी संसाधन उपलब्ध रखने पर जोर दिया गया है।
शांति समिति की बैठक कराने का निर्देश
जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने सभी थानाध्यक्षों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया है। इन बैठकों में पूजा समितियों और स्थानीय लोगों के साथ संवाद कर समस्याओं का समाधान करने तथा आपसी सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा।
बैठक में पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने भी अधिकारियों को निर्धारित ड्यूटी स्थलों पर मुस्तैदी से तैनात रहने का निर्देश दिया।
प्रशासन की अपील: नियमों का पालन करें पूजा समितियां
पटना जिला प्रशासन का उद्देश्य दुर्गापूजा और दशहरा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकना है। इसके लिए पूजा पंडालों की सुरक्षा, ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण, सोशल मीडिया की निगरानी और विसर्जन के दौरान बचाव व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन ने पूजा समितियों और आम लोगों से नियमों का पालन करने, अफवाहों से बचने और त्योहार को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाने की अपील की है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




