पटना: त्योहारों का मौसम शुरू होते ही बिहार से दूसरे राज्यों की ओर आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने लगी है। खासकर दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल में रहने वाले बिहार के लोगों को त्योहारों के दौरान टिकट की कमी और लंबी वेटिंग लिस्ट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यात्रियों को राहत देने के लिए बिहार में त्योहार स्पेशल अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करने की तैयारी है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शनिवार से पटना, गया, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर से 40 त्योहार स्पेशल बसों का परिचालन शुरू करने की योजना है। इन बसों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को संभालना और उन्हें दूसरे राज्यों तक पहुंचने के लिए परिवहन का एक और विकल्प उपलब्ध कराना है।
पटना समेत चार शहरों से शुरू होगी बस सेवा
प्रस्तावित योजना के तहत शुरुआती चरण में बिहार के चार प्रमुख शहरों को बस सेवा से जोड़ा जाएगा। इनमें पटना, गया, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर शामिल हैं। इन शहरों से दूसरे राज्यों के प्रमुख गंतव्यों तक यात्रियों को पहुंचाने के लिए अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी।
इससे उन यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है या जो सड़क मार्ग से सफर करना चाहते हैं। हालांकि, अलग-अलग रूट पर बसों के परिचालन का समय और टिकट बुकिंग से संबंधित विस्तृत जानकारी की आधिकारिक पुष्टि जरूरी होगी।
पांच राज्यों के लिए 200 स्पेशल बसें चलाने की तैयारी
योजना का दायरा शुरुआती 40 बसों तक सीमित नहीं रहने वाला है। आगे चलकर बिहार के करीब एक दर्जन शहरों से पांच राज्यों के लिए कुल 200 त्योहार स्पेशल बसें चलाने की तैयारी है।
प्रस्तावित शहरों में पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, छपरा, सीवान, गोपालगंज, लखीसराय, अररिया, पूर्णिया और किशनगंज समेत अन्य शहर शामिल हैं।
इस योजना के लागू होने से उत्तर बिहार, सीमांचल और मगध क्षेत्र के यात्रियों को दूसरे राज्यों तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त परिवहन विकल्प मिल सकते हैं।
दिल्ली, गुरुग्राम, रांची और कोलकाता तक कनेक्टिविटी पर जोर
त्योहार स्पेशल बसों के प्रस्तावित रूट में कई प्रमुख शहरों को शामिल करने की तैयारी है। इनमें दिल्ली, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और अंबाला के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न शहर शामिल हैं।
कोलकाता और सिलीगुड़ी जैसे शहरों के लिए भी कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना है। इन रूटों पर अतिरिक्त बसें चलने से त्योहारों के दौरान यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने में मदद मिल सकती है।
पटना से सबसे ज्यादा 30 बसें चलाने की तैयारी
प्रस्तावित योजना में राजधानी पटना को प्रमुख केंद्र बनाया गया है। जानकारी के अनुसार, पटना से 30 त्योहार स्पेशल बसें चलाने की तैयारी है। इससे पटना और आसपास के जिलों के यात्रियों को दूसरे राज्यों की यात्रा के लिए ज्यादा विकल्प मिल सकते हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पटना से आठ अंतरराज्यीय बसें संचालित हो रही हैं। इनमें दो बसें दिल्ली, चार रांची और दो हजारीबाग के लिए चलती हैं। ऐसे में त्योहार स्पेशल बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलने की उम्मीद है।
छठ के बाद भी जारी रह सकती है बस सेवा
त्योहार स्पेशल बस सेवा का फायदा सिर्फ त्योहार से पहले यात्रा करने वाले लोगों तक सीमित नहीं रह सकता। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, छठ पर्व के करीब एक सप्ताह बाद तक भी इन बसों का परिचालन जारी रखने की योजना है।
इससे उन लोगों को राहत मिल सकती है, जो बिहार में त्योहार मनाने के बाद दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, झारखंड या पश्चिम बंगाल लौटना चाहते हैं। त्योहार के बाद वापसी के दौरान भी ट्रेनों में भीड़ और कन्फर्म टिकट की कमी की समस्या सामने आती है। ऐसे में अतिरिक्त बस सेवा यात्रियों के लिए उपयोगी विकल्प बन सकती है।
किराया, टाइमिंग और बुकिंग की जानकारी का इंतजार
त्योहार स्पेशल बसों से यात्रा करने की योजना बना रहे यात्रियों को फिलहाल कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों का इंतजार करना होगा। इनमें अलग-अलग रूट पर बसों का समय, किराया, टिकट बुकिंग की प्रक्रिया और प्रतिदिन संचालित होने वाली बसों की संख्या शामिल है।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि सफर की योजना बनाने से पहले संबंधित बस सेवा या परिवहन विभाग से रूट, समय और टिकट की उपलब्धता की पुष्टि कर लें। इससे यात्रा के दौरान होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है।
त्योहारों में यात्रियों को मिल सकता है बड़ा फायदा
बिहार से दूसरे राज्यों में आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या त्योहारों के दौरान तेजी से बढ़ती है। ऐसे में 40 स्पेशल बसों के परिचालन की योजना यात्रियों के लिए राहत भरी खबर हो सकती है।
अगर करीब 12 शहरों से पांच राज्यों के लिए 200 त्योहार स्पेशल बसें चलाने की प्रस्तावित योजना भी लागू होती है, तो बिहार के यात्रियों को सड़क मार्ग से सफर करने के लिए अधिक विकल्प मिल सकते हैं। हालांकि, बसों की वास्तविक उपलब्धता, रूट और समय से जुड़ी अंतिम जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।




