नई दिल्ली | 8 जुलाई 2026

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के आरोपों के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कीर्ति आजाद ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर सार्वजनिक स्तर पर सवाल उठ रहे हैं, तो ट्रस्ट को पारदर्शिता के साथ सभी आरोपों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।

मुलायम सिंह को लेकर BJP से पूछा सवाल

कीर्ति आजाद ने अपने बयान में भाजपा के उस पुराने आरोप का भी जिक्र किया, जिसमें अयोध्या आंदोलन के दौरान कारसेवकों पर गोली चलाने के लिए तत्कालीन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव को जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है। उन्होंने सवाल किया कि यदि भाजपा आज भी यही मानती है, तो बाद में मुलायम सिंह यादव को पद्म भूषण सम्मान दिए जाने के पीछे क्या वजह थी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भी सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

नृपेंद्र मिश्रा की भूमिका पर भी उठाए सवाल

टीएमसी सांसद ने पूर्व वरिष्ठ अधिकारी नृपेंद्र मिश्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि अतीत की घटनाओं को लेकर कुछ अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं, तो यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि उन्हें बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां क्यों दी गईं और राम मंदिर निर्माण से जुड़ी समिति का नेतृत्व क्यों सौंपा गया।

पारदर्शी जांच की मांग

कीर्ति आजाद ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए इससे जुड़े किसी भी विवाद या वित्तीय अनियमितता के आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी पर आरोप लगाए जा रहे हैं, तो सभी संबंधित पक्षों से जवाब लिया जाए और जांच के तथ्य सार्वजनिक किए जाएं, ताकि लोगों का मंदिर और उसकी व्यवस्थाओं पर विश्वास कायम रहे।