पटना | 18 जुलाई 2026

बिहार सरकार ने राज्य को डिजिटल और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में सूचना प्रावैधिकी विभाग ने सरवम डॉट एआई (Axonwise Private Limited) और भारत जीपीटी के साथ महत्वपूर्ण समझौता किया। सरकार का उद्देश्य राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सेवाओं का विस्तार करना और प्रशासन को अधिक पारदर्शी, तेज एवं प्रभावी बनाना है।

हर नागरिक और अधिकारी तक पहुंचेगी AI तकनीक

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार AI को आम नागरिकों और सरकारी अधिकारियों तक सरल तरीके से पहुंचाना चाहती है। इसके लिए मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा और बिहार की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी AI मॉडल तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि AI तकनीक से सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी और लोगों को कम समय में अधिक सुविधाएं मिलेंगी।

युवाओं को मिलेगा रोजगार और स्किल डेवलपमेंट का अवसर

मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' भवन में आयोजित कार्यक्रम में AI स्किल डेवलपमेंट, क्षमता निर्माण और डिजिटल नवाचार पर विशेष जोर दिया गया। सरकार का मानना है कि इस पहल से युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और राज्य में AI आधारित स्टार्टअप एवं स्थानीय टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा।

स्थानीय भाषाओं और शोध को मिलेगा बढ़ावा

इस साझेदारी के तहत भारतीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों में AI आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। साथ ही सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि विभिन्न विभाग AI तकनीक का प्रभावी उपयोग कर सकें।

किसानों के लिए भी गूगल की तकनीकी मदद

इधर, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दिल्ली में गूगल की टीम के साथ बैठक कर किसानों के लिए डिजिटल कृषि सेवाओं पर चर्चा की। सरकार फार्मर आईडी को डिजिटल कृषि रिकॉर्ड के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। इसमें किसानों को बीज, उर्वरक, सब्सिडी, फसल खरीद और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सभी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे कृषि सेवाएं अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनेंगी।