पटना | 17 जुलाई 2026

RJD में इस्तीफे से बढ़ी सियासी हलचल

बिहार की राजनीति में शुक्रवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और प्रमुख प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पार्टी के ब्राह्मण चेहरे के रूप में पहचान रखने वाले तिवारी ने आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से संगठन में सम्मान नहीं मिल रहा था और उनकी शिकायतों पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने उनसे फैसला वापस लेने की अपील की है और बताया जा रहा है कि फिलहाल उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है।

सम्मान नहीं मिलने का लगाया आरोप

मृत्युंजय तिवारी ने प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि जब संगठन में सम्मान ही नहीं मिल रहा, तो पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पिछले छह से सात महीनों से उन्हें लगातार उपेक्षित महसूस कराया जा रहा था। इस संबंध में उन्होंने कई बार पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से भी अपनी नाराजगी जाहिर की, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।

मुख्य प्रवक्ता से मतभेद बने बड़ी वजह

पार्टी सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में मीडिया में पार्टी का पक्ष रखने को लेकर मृत्युंजय तिवारी और मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव के बीच मतभेद बढ़ गए थे। वर्षों तक राष्ट्रीय टीवी चैनलों पर RJD का पक्ष रखने वाले मृत्युंजय तिवारी को हाल के दिनों में मीडिया डिबेट से दूर रखा गया, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई। माना जा रहा है कि यही विवाद इस्तीफे की प्रमुख वजह बना।

तेजस्वी यादव तक पहुंची शिकायत

इस्तीफे के बाद मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि उन्होंने कई बार तेजस्वी यादव से भी इस मुद्दे पर बात करने की कोशिश की, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व के आसपास कुछ लोगों का प्रभाव इतना बढ़ गया है कि वरिष्ठ नेताओं की बात भी नहीं सुनी जा रही। उनके बयान ने पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

पार्टी नेताओं ने मनाने की कोशिश

इस्तीफे की जानकारी मिलने के बाद पार्टी कार्यालय में मौजूद कई वरिष्ठ नेताओं ने मृत्युंजय तिवारी को मनाने का प्रयास किया। कोषाध्यक्ष सुनील सिंह, वरिष्ठ नेता तनवीर हसन समेत अन्य नेताओं ने उनसे फैसला वापस लेने की अपील की। वहीं प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि तेजस्वी यादव के विदेश से लौटने के बाद इस पूरे मामले पर बातचीत होगी और समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।

RJD के लिए क्यों अहम हैं मृत्युंजय तिवारी?

मृत्युंजय तिवारी पिछले एक दशक से अधिक समय से RJD की ओर से मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते रहे हैं। उन्हें पार्टी का प्रमुख ब्राह्मण चेहरा माना जाता है। ऐसे समय में जब बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं, उनका इस्तीफा RJD के लिए राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि तेजस्वी यादव की वापसी के बाद पार्टी इस नाराजगी को दूर कर पाती है या नहीं।