पटना, 31 जुलाई 2026,: बिहार की राजधानी पटना में नगर निगम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। सफाई कार्य ठप होने से शहर के कई इलाकों में सड़कों और मुख्य मार्गों पर कचरे के ढेर लग गए हैं। लगातार जमा हो रहे कचरे के कारण लोगों को दुर्गंध, गंदगी और संभावित स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ रहा है। इससे बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
हड़ताल से सफाई व्यवस्था प्रभावित
शुक्रवार को नगर निगम कर्मचारियों के काम बंद रखने के कारण घर-घर कचरा संग्रहण और सड़क सफाई का कार्य प्रभावित रहा। राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में हजारों टन कचरा जमा होने की खबर है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। और जगह-जगह कचरे फैल गए हैं।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा असर
किदवईपुरी के कवि रमन पथ, इंद्रपुरी स्थित अटल पथ की सर्विस लेन, नवीन किशोर सिन्हा पथ, मीठापुर मेन रोड, राजीव नगर मेन रोड और हार्डिंग रोड समेत कई स्थानों पर कचरे के ढेर देखे गए। कुछ जगहों पर नगर निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ियां भी खड़ी रहीं।
हर दिन निकलता है 1,200 टन कचरा
सामान्य दिनों में पटना से प्रतिदिन करीब 1,200 टन कचरा एकत्र किया जाता है, जिसमें लगभग 60 प्रतिशत गीला और 40 प्रतिशत सूखा कचरा शामिल होता है। सफाई व्यवस्था ठप होने से यह कचरा अब सड़कों और मोहल्लों में जमा होने लगा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जताई चिंता
बारिश के मौसम में कचरे के ढेर से मच्छर और मक्खियों की संख्या बढ़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने और सावधानी बरतने की अपील की गई है।
क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?
नगर निगम कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें—
- दिहाड़ी कर्मचारियों का नियमितीकरण
- आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त करना
- आउटसोर्स कर्मचारियों का नगर निगम में समायोजन
- एसीपी और एमएसीपी जैसी सेवा संबंधी सुविधाओं की बहाली
लंबे समय से चल रहा था आंदोलन
नगर निगम कर्मचारी पिछले एक महीने से चरणबद्ध आंदोलन कर रहे थे। 30 जून से 25 जुलाई तक धरना-प्रदर्शन के बाद 28 जुलाई को शहरी विकास एवं आवास मंत्री के साथ वार्ता हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद 29 जुलाई को मशाल जुलूस निकाला गया और 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई। अब राजधानी की सफाई व्यवस्था बहाल करने के लिए प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हैं।




