बोधगया | 18 जुलाई 2026
बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी)-3, बोधगया परिसर में शनिवार को 1084 महिला प्रशिक्षु सिपाहियों ने 36 सप्ताह का बुनियादी प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर भव्य पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया। अनुशासन, आत्मविश्वास और जोश से भरी इस परेड ने मौजूद अधिकारियों, अभिभावकों और अतिथियों को प्रभावित किया। अब ये सभी प्रशिक्षु बिहार पुलिस बल में शामिल होकर राज्य की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएंगी।
आईजी विकास वैभव ने दिलाया सेवा और संविधान का संकल्प
समारोह के मुख्य अतिथि मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईपीएस) विकास वैभव ने परेड की सलामी ली और नवदीक्षित महिला सिपाहियों को संविधान के प्रति निष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन, साहस और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मजबूत कानून-व्यवस्था की अहम भूमिका होगी और बिहार पुलिस इस दिशा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएगी।
छह जिलों की प्रशिक्षुओं ने पूरा किया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण में औरंगाबाद की 268, भोजपुर की 282, नवादा की 254, शेखपुरा की 109, जहानाबाद की 93 और अरवल की 78 महिला प्रशिक्षु सिपाहियों ने हिस्सा लिया। 21 जुलाई 2025 से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद सभी महिला सिपाहियां अब राज्य के विभिन्न जिलों में तैनाती के लिए तैयार हैं।
महिला सिपाहियों ने साझा किया संघर्ष का सफर
भागलपुर की रुचि प्रिया ने बताया कि उनकी मां नर्स और पिता किसान हैं। परिवार के सहयोग और लगातार मेहनत से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। समस्तीपुर की प्रियंका कुमारी ने कहा कि माता-पिता और पति के सहयोग से उन्होंने तैयारी पूरी की, जबकि पटना के बाढ़ की सुलेखा कुमारी ने बताया कि उनका सपना दरोगा बनने का था और अब बिहार पुलिस में रहते हुए वह आगे की तैयारी जारी रखेंगी।
बिहार पुलिस को मिलेगा नया बल
समारोह में गया के एसएसपी सुशील कुमार, ग्रामीण एसपी उपेंद्र प्रसाद, बीएसएपी-3 के समादेष्टा-सह-प्राचार्य समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि नई महिला सिपाहियों की तैनाती से राज्य में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और पुलिसिंग व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होगी।




