पटना | 17 जुलाई 2026

बिहार में पंचायत चुनाव 2026 से पहले पंचायती राज विभाग ने विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने सभी जिलों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही, अनियमितता या घटिया निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब पंचायतों के कार्यों की नियमित निगरानी होगी और गड़बड़ी मिलने पर मुखिया, पंचायत सचिव से लेकर संबंधित अधिकारियों तक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

1 प्रतिशत से कम राशि खर्च करने वालों पर होगी जवाबदेही

सरकार के निर्देश के अनुसार जिन पंचायतों में विकास योजनाओं के लिए उपलब्ध राशि का 1 प्रतिशत से भी कम खर्च हुआ है, वहां जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित मुखिया और पंचायत सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं को समय पर पूरा कराना और सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित करना है।

बिना टेंडर काम कराने और घटिया निर्माण पर भी कार्रवाई

पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 लाख रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं में बिना टेंडर के कार्य कराना या नियमों का उल्लंघन करना गंभीर अनियमितता माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जर्जर पंचायत भवनों की मरम्मत या नए भवन निर्माण में देरी करने वाली एजेंसियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता खराब पाई गई तो संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।

बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को मिलेगा प्रोत्साहन

सरकार ने सख्ती के साथ प्रोत्साहन की भी व्यवस्था की है। जो पंचायतें विकास योजनाओं को समय पर, पारदर्शिता के साथ और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करेंगी, उन्हें भविष्य की योजनाओं में प्राथमिकता दी जाएगी। विभाग का मानना है कि इससे पंचायतों के बीच बेहतर कार्य संस्कृति विकसित होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति तेज होगी।

आत्मनिर्भर पंचायतों की दिशा में बढ़ रहा बिहार

हाल ही में राज्य सरकार ने ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली-2026 को मंजूरी दी है, जिसके तहत पंचायतों को स्थानीय स्तर पर कर और शुल्क वसूलने का अधिकार मिलेगा। सरकार का कहना है कि इससे पंचायतों की आय बढ़ेगी, वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी और स्थानीय विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। विभाग ने संकेत दिए हैं कि पंचायत चुनाव से पहले विकास योजनाओं की प्रगति और कार्यों की गुणवत्ता की विशेष समीक्षा की जाएगी।