मुजफ्फरपुर | 18 जुलाई 2026
मुजफ्फरपुर जिले के किसानों के लिए अच्छी खबर है। खेती में ट्रैक्टर, रीपर, थ्रेसर, पावर टिलर और अन्य आधुनिक कृषि यंत्रों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को स्थानीय स्तर पर तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की बड़ी पहल शुरू की है। अब गांव-गांव प्रशिक्षित कृषि यंत्र मैकेनिक तैयार किए जाएंगे, ताकि मशीन खराब होने पर किसानों को समय पर मरम्मत की सुविधा मिल सके और खेती के महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित न हों।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगी कृषि अभियंत्रण कार्यशाला
कृषि विभाग ने कृषि अभियंत्रण कार्यशाला को 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भेजा है। इस केंद्र पर केवल कृषि यंत्रों की मरम्मत ही नहीं, बल्कि तकनीकी प्रशिक्षण, गुणवत्ता परीक्षण, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता और मशीनों से जुड़ी अन्य सेवाएं भी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
हर प्रखंड में तैयार होंगे मास्टर ट्रेनर
कृषि अभियंत्रण उपनिदेशक अजीत कुमार ने बताया कि आधुनिक खेती में मशीनों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्रत्येक प्रखंड में प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। ये प्रशिक्षित तकनीशियन स्थानीय स्तर पर किसानों को कृषि यंत्रों के संचालन, रखरखाव और मरम्मत में मदद करेंगे।
बोआई और कटाई में नहीं होगी देरी
अक्सर मशीन खराब होने पर समय पर मैकेनिक नहीं मिलने से किसानों को बोआई और कटाई जैसे जरूरी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद गांवों में ही प्रशिक्षित मैकेनिक उपलब्ध होंगे, जिससे मशीनों की मरम्मत तेजी से हो सकेगी और खेती का काम बिना रुकावट जारी रहेगा।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
कृषि विभाग का मानना है कि इस पहल से किसानों का समय और खर्च दोनों बचेंगे। साथ ही कृषि यंत्रों का बेहतर रखरखाव होने से उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और आधुनिक खेती को भी नई मजबूती मिलेगी। विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले समय में प्रत्येक प्रखंड में तकनीकी सहायता का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाए, ताकि किसानों को हर स्तर पर त्वरित सहायता मिल सके।




