पटना | 18 जुलाई 2026

बिहार के पटना जिले के नौबतपुर प्रखंड स्थित चेसी गांव के रहने वाले 58 वर्षीय कैप्टन मनीष ने मर्चेंट नेवी की आकर्षक नौकरी छोड़कर आधुनिक तकनीक से मछली पालन के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। उन्होंने अत्याधुनिक रिकर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) तकनीक की मदद से स्नेक हेड (Snakehead) मछली का व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया और महज एक वर्ष में 50 लाख रुपये से अधिक की कमाई कर सफलता की नई कहानी लिख दी।

परिवार के लिए छोड़ी मर्चेंट नेवी की नौकरी

कैप्टन मनीष ने बताया कि मर्चेंट नेवी में नौकरी के दौरान उन्हें छह-छह महीने तक समुद्र में रहना पड़ता था। परिवार से लगातार दूर रहने के कारण उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेकर अपने अनुभव का उपयोग मछली पालन के क्षेत्र में करने का फैसला किया। जानकारी जुटाने पर पता चला कि बिहार में स्नेक हेड मछली का व्यावसायिक उत्पादन लगभग नहीं हो रहा था।

10 टैंक से शुरू हुआ हाईटेक फिश फार्म

करीब डेढ़ वर्ष पहले उन्होंने 5,000 वर्ग फीट क्षेत्र में 10 सीमेंट टैंक तैयार किए और आंध्र प्रदेश से स्नेक हेड मछली के फिंगरलिंग मंगाकर RAS तकनीक से पालन शुरू किया। आधुनिक तकनीक की वजह से कम जगह में अधिक उत्पादन संभव हुआ। अब तक वे लगभग 45 मीट्रिक टन स्नेक हेड मछली का उत्पादन कर ओडिशा और चेन्नई के माध्यम से निर्यात कर चुके हैं।

अब बिहार में लगेगी प्रोसेसिंग यूनिट

कैप्टन मनीष का कहना है कि स्नेक हेड मछली की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी मांग है क्योंकि प्रोसेसिंग के बाद इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। उनकी योजना बिहार में स्नेक हेड मछली की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और लोगों को रेडी-टू-ईट उत्पाद भी उपलब्ध कराया जा सकेगा। उनकी सफलता से प्रेरित होकर बिहार के कई अन्य लोग भी इस आधुनिक मत्स्य पालन मॉडल को अपनाने लगे हैं।