नई दिल्ली | 16 जुलाई 2026

आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को फिलहाल राहत मिली है। गुरुवार को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट इस मामले में आरोप तय करने पर कोई फैसला नहीं सुना सकी। अदालत ने सुनवाई को आगे बढ़ाते हुए अगली तारीख 31 जुलाई तय की है। अब इसी दिन यह स्पष्ट होगा कि अदालत आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाती है या नहीं।

ईडी ने कई नेताओं के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है। ईडी ने अपनी चार्जशीट में लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, मीसा भारती, तेज प्रताप यादव, हेमा यादव समेत कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया है। एजेंसी का आरोप है कि रेलवे होटल आवंटन मामले से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन में मनी लॉन्ड्रिंग के तत्व सामने आए हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला वर्ष 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि आईआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित रेलवे होटलों के संचालन एवं रखरखाव का ठेका एक निजी कंपनी को देने में अनियमितताएं हुईं। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस ठेके के बदले लालू परिवार से जुड़ी कंपनियों और परिजनों के नाम पर पटना में कीमती जमीन बेहद कम कीमत पर ट्रांसफर की गई।

31 जुलाई की सुनवाई पर टिकी नजरें

ईडी का कहना है कि कथित अवैध लेन-देन और बेनामी संपत्तियों के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया। वहीं बचाव पक्ष इन आरोपों को निराधार बताता रहा है। फिलहाल अदालत ने आरोप तय करने पर फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली सुनवाई 31 जुलाई को निर्धारित की है। अब इस मामले में अदालत के अगले आदेश पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।