गया | 31 जुलाई 2026
बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के गया जिले में करीब 6000 करोड़ रुपये की लागत से एक इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए बिहार उद्योग विभाग और महाशक्ति ग्रुप के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस प्रस्तावित प्लांट की उत्पादन क्षमता 1.0 से 1.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) होगी।
रोजगार व उद्योग को मिलेगा नया आधार
राज्य सरकार का मानना है कि इस परियोजना से बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। स्टील प्लांट के साथ-साथ परिवहन, लॉजिस्टिक्स, इंजीनियरिंग, निर्माण और छोटे उद्योगों को भी इसका लाभ मिलेगा। इससे गया और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने जताया भरोसा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार निवेशकों के लिए बेहतर औद्योगिक माहौल तैयार करने पर लगातार काम कर रही है। राज्य में आधुनिक आधारभूत संरचना, पारदर्शी नीतियां और त्वरित प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसके कारण बड़े निवेशक बिहार की ओर आकर्षित हो रहे हैं। और जल्द ही राज्य में औद्योगिक विकास को तेज गति मिल जाएगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस परियोजना के शुरू होने से बिहार के औद्योगिक विकास का नया अध्याय खुलेगा और राज्य देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।
BIADA निभाएगा अहम भूमिका
सरकार के अनुसार, बिहार इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (BIADA), उद्योग विभाग और महाशक्ति ग्रुप मिलकर इस परियोजना को निर्धारित समय सीमा में आगे बढ़ाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद स्टील उत्पादन के क्षेत्र में बिहार की भागीदारी बढ़ेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
उधर, विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश न केवल गया, बल्कि पूरे दक्षिण बिहार में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए-नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा।




