पटना | 31 जुलाई 2026

बिहार में सरकारी शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया अभी शुरू ही हुई है, मगर इसमें तकनीकी परेशानी सामने आने लगी है। इस तरह सरकारी शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू होते ही तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियां सामने आ गई हैं। ई-शिक्षाकोष (e-Shikshakosh) पोर्टल पर 404 Error की शिकायतों और सरप्लस शिक्षकों की सूची में गड़बड़ियों के बीच शिक्षा विभाग ने डेटा सुधार के लिए नया प्रपत्र जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि गलत जानकारी देने या फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर आई तकनीकी दिक्कत

स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान कई शिक्षकों ने शिकायत की कि आवेदन या जानकारी प्राप्त करने के समय ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर '404 Not Found' का संदेश दिखाई दे रहा है। इससे आवेदन प्रक्रिया प्रभावित होने के साथ शिक्षकों में भ्रम की स्थिति भी बनी हुई है।

सरप्लस शिक्षकों के डेटा सुधार के लिए नया प्रपत्र

शिक्षा विभाग ने विषयवार डेटा में मौजूद त्रुटियों को सुधारने के लिए विशेष प्रपत्र जारी किया है। विभाग के अनुसार कई स्कूलों में विषय और वर्ग संबंधी गलत प्रविष्टियों के कारण आवश्यक शिक्षकों को भी सरप्लस सूची में शामिल कर दिया गया था। अब विद्यालय का नाम, यू-डायस (UDISE) नंबर और आवश्यक विवरण के साथ इन त्रुटियों को सुधारा जा सकेगा।

आवेदन से पहले शर्तें स्वीकार करना अनिवार्य

विभाग ने निर्देश दिया है कि सभी शिक्षक आवेदन करने से पहले निर्धारित शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़कर स्वीकार करें। यदि कोई अभ्यर्थी गलत सूचना, फर्जी प्रमाणपत्र या भ्रामक दावा प्रस्तुत करता है, तो उसके खिलाफ सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सा, दिव्यांगता और अन्य विशेष श्रेणियों से जुड़े दावों का भी सत्यापन किया जाएगा।

मनपसंद स्कूल नहीं मिलने पर नहीं होगी अपील

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि पसंद का विद्यालय नहीं मिलने को शिकायत या अपील का आधार नहीं माना जाएगा। स्थानांतरण उपलब्ध रिक्तियों, निर्धारित नियमों और पात्रता के आधार पर ही किया जाएगा।

शिक्षक संघ ने उठाए सरप्लस सूची पर सवाल

बिहार युवा शिक्षक संघ ने सरप्लस सूची में कई विसंगतियों का आरोप लगाया है। संघ का कहना है कि हाल ही में स्थानांतरित हुए शिक्षकों और कई विद्यालयों के एकमात्र विषय शिक्षक का नाम भी सरप्लस सूची में शामिल कर दिया गया है। वहीं मॉडल स्कूलों के शिक्षकों ने भी इस प्रक्रिया से बाहर रखे जाने पर नाराजगी जताई है।

स्थापना शाखा में जमा करना होगा सुधार प्रपत्र

शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि जिन शिक्षकों के डेटा में त्रुटि है, वे विद्यालय प्रधान के हस्ताक्षर और मुहर के साथ निर्धारित प्रपत्र एवं आवश्यक दस्तावेज संबंधित स्थापना शाखा में जमा करें। विभाग का कहना है कि सत्यापन के बाद पात्र मामलों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।