दरभंगा | 18 जुलाई 2026
नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बिहार में साफ दिखाई देने लगा है। कोसी बराज से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद दरभंगा जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। कोसी, कमला और बलान नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से जिले के 20 से अधिक गांव जलमग्न हो गए हैं। वहीं कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के छह गांव पूरी तरह टापू में तब्दील हो चुके हैं, जिससे हजारों लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है।
कई गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूटा
कोसी बराज से पानी छोड़े जाने के चौथे दिन बाढ़ का दायरा और बढ़ गया। इटहर पंचायत के इटहर, चौकिया, लक्ष्मिनियां, बलथरवा, बसबरिया तथा सूघराईन पंचायत के भरैन टोला सहित कई गांव चारों ओर से पानी से घिर गए हैं। सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो चुका है और ग्रामीणों का बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग कट गया है।
नाव ही बनी आवागमन का एकमात्र साधन
बाढ़ प्रभावित इलाकों में बाजार जाने, दवा लाने, बैंक का काम करने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए अब केवल नाव का सहारा बचा है। स्थानीय लोगों के अनुसार निजी नाव संचालक एक बार आने-जाने के लिए प्रति व्यक्ति करीब 40 रुपये किराया वसूल रहे हैं। बाढ़ के कारण दैनिक जीवन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
कई जिलों में बारिश से मिली राहत
इधर शनिवार सुबह बगहा, पूर्णिया, अररिया, बक्सर, जहानाबाद, खगड़िया और बेतिया समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश और ठंडी हवाओं से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, हालांकि निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी देखने को मिली।
मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को बिहार के पांच जिलों के लिए आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 20 जुलाई से मानसून के और अधिक सक्रिय होने की संभावना है। इसके बाद राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।




