पटना | 22 जुलाई 2026
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बीच बिहार की राजनीति में नया विवाद सामने आया है। जन सुराज पार्टी ने पटना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के होटलों, आवासों तथा अन्य ठिकानों पर लगातार छापेमारी की गई। पार्टी का आरोप है कि यह कार्रवाई चुनाव के दौरान दबाव बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
'पुराने गेस्ट रजिस्टर की मांग, होटल सील करने की धमकी'
जन सुराज के प्रदेश सचिव रवि नारायण सिंह ने आरोप लगाया कि पहले स्पेशल सेल की ओर से फोन कर पार्टी से संबंधित जानकारी मांगी गई। इसके बाद उनके होटलों का विवरण और पुराने गेस्ट रजिस्टर उपलब्ध कराने को कहा गया। उन्होंने बताया कि रजिस्टर पुराने कार्यालय में होने के कारण तत्काल उपलब्ध नहीं कराया जा सका। उनका कहना है कि पुलिस से रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए 10 दिन का समय मांगा गया, लेकिन इसके बावजूद होटल सील करने और जेल भेजने तक की चेतावनी दी गई।
होटल, आवास और कार्यालयों की तलाशी का दावा
रवि नारायण सिंह के अनुसार पुलिस ने उनके दोनों होटलों की तलाशी ली, लेकिन कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। इसके बाद उनके आवास और पार्टी कार्यकर्ताओं के ठिकानों पर भी पुलिस पहुंची। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान एक थाना प्रभारी ने फोन पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और जेल भेजने की धमकी दी।
'प्रशांत किशोर के होटल तक पहुंची पुलिस टीम'
जन सुराज का दावा है कि 19 जुलाई की रात पुलिस की एक टीम उस होटल तक भी पहुंची, जहां पार्टी संस्थापक प्रशांत किशोर ठहरे हुए थे। पार्टी के अनुसार वहां तलाशी को लेकर कुछ देर तक बहस हुई, जिसके बाद पुलिस टीम वापस लौट गई। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि वार्ड-20 के प्रभारी सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं के कार्यालयों और ठिकानों पर भी पुलिस पहुंची, लेकिन कहीं से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई।
धमकी और सुरक्षा को लेकर भी सवाल
रवि नारायण सिंह ने दावा किया कि उन्हें लगातार धमकी भरे फोन आ रहे हैं और बाहर निकलने पर उनकी गाड़ी का पीछा किया जा रहा है। उनका आरोप है कि सुरक्षा देने के बजाय पुलिस डर का माहौल बना रही है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस का पक्ष आना बाकी
फिलहाल पटना पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में जन सुराज के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।




