पटना | 31 जुलाई 2026
बिहार में दुग्ध व्यवसाय को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। जल्द ही राज्यभर के सुधा डेयरी मिल्क बूथों पर गाय और भैंस के दूध के साथ प्रोसेस्ड और पैक्ड बकरी का दूध भी उपलब्ध होगा। इस पहल के जरिए एक ओर उपभोक्ताओं को नया विकल्प मिलेगा, वहीं दूसरी ओर हजारों बकरी पालकों की आय बढ़ाने का रास्ता खुलेगा।
बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कॉम्फेड) बकरी के दूध के संग्रहण, प्रसंस्करण और पैकेजिंग की तैयारी में जुट गया है। योजना को लागू करने के लिए राज्य सरकार जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी ले सकती है।
दो महीने में बनेगा 'गोट फेडरेशन'
बकरी पालकों को संगठित कर उन्हें इस योजना से जोड़ने के लिए राज्य में गोट (बकरी) फेडरेशन बनाया जाएगा। अगले दो महीनों के भीतर प्रखंड, प्रमंडल और राज्य स्तर पर इसका गठन पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
तीन स्तर पर होगा संगठन
फेडरेशन का ढांचा तीन स्तरों पर तैयार किया जाएगा—
- प्रखंड स्तर: कम से कम 15 बकरी पालकों के साथ प्राथमिक संघ का गठन होगा।
- प्रमंडल स्तर: प्रखंड संघों के प्रतिनिधि प्रमंडल फेडरेशन का चुनाव करेंगे।
- राज्य स्तर: सभी प्रमंडलों के प्रतिनिधियों द्वारा राज्य स्तरीय फेडरेशन का गठन किया जाएगा।
बकरी पालकों को मिलेगा सीधा लाभ
नई व्यवस्था के तहत बकरी पालकों को अपने दूध का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। साथ ही टीकाकरण, पशु स्वास्थ्य सेवाएं, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराया जाएगा।
200 ML और 500 ML पैक में मिलेगा दूध
कॉम्फेड की योजना के अनुसार बकरी के दूध को पाश्चराइज कर 200 मिलीलीटर और 500 मिलीलीटर के पैक में बाजार में उतारा जाएगा। इसकी बिक्री सुधा डेयरी के अधिकृत मिल्क बूथों के माध्यम से की जाएगी।




