पटना | 17 जुलाई 2026

राजधानी पटना के जीपीओ गोलंबर स्थित अत्याधुनिक मल्टी मॉडल हब का निर्माण यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन उद्घाटन के 14 महीने बाद भी यह परियोजना पूरी तरह संचालित नहीं हो सकी है। करीब 68 करोड़ रुपये की लागत से बने इस हब में अब तक पार्किंग व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है। पार्किंग संचालन के लिए एजेंसी का चयन लंबित होने के कारण पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड को पिछले 14 महीनों में करीब 2.36 करोड़ रुपये के संभावित राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है।

सिर्फ बस और ऑटो का संचालन, पार्किंग अब भी मुफ्त

वर्तमान में मल्टी मॉडल हब से केवल सिटी बसों और ऑटो का संचालन हो रहा है। चारपहिया वाहन बिना किसी निर्धारित शुल्क के पार्क किए जा रहे हैं। पार्किंग टिकट काउंटर तैयार होने के बावजूद उस पर अब भी ताला लटका हुआ है। प्रतिदिन हजारों लोग इस परिसर का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन पार्किंग शुल्क वसूली शुरू नहीं होने से राजस्व शून्य बना हुआ है।

रेस्टोरेंट और छह दुकानें भी बंद

हब परिसर में बनाए गए रेस्टोरेंट और छह व्यावसायिक दुकानों का संचालन भी अब तक शुरू नहीं हो पाया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण सभी दुकानें बंद हैं। यदि इन्हें समय पर शुरू कर दिया जाता तो हर महीने लाखों रुपये की अतिरिक्त आय होती और यात्रियों को भोजन, मेडिकल स्टोर, डेयरी, जूस व अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हो जातीं।

अगस्त में जारी होगा टेंडर

पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार, पार्किंग संचालन के लिए आरएफपी तैयार कर ली गई है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद अगस्त 2026 में टेंडर जारी किया जाएगा और दो महीने के भीतर एजेंसी का चयन करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही पूरे मल्टी मॉडल हब को पूरी तरह कार्यशील बनाने की तैयारी की जा रही है।

यात्रियों की सुविधा के लिए होंगे नए इंतजाम

संयुक्त निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने एस्कलेटर क्षेत्र में उमस और गर्मी की समस्या को देखते हुए वहां एसी लगाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा आसपास के दुकानदारों के वाहनों के लिए मात्र 5 रुपये प्रतिदिन शुल्क पर विशेष पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने की भी योजना बनाई गई है, ताकि मुख्य सड़कों पर यातायात का दबाव कम किया जा सके।