127 संदिग्ध चैनल, 23 लाख छात्र और 15 करोड़ यूजर्स... आखिर क्यों लगा Telegram पर प्रतिबंध?
Telegram भारत में स्थायी रूप से बैन नहीं हुआ है, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे 16 जून 2026 से 22 जून 2026 तक अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया है। यह फैसला NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले परीक्षा में धोखाधड़ी और फर्जी पेपर लीक के दावों को रोकने के लिए लिया गया।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अनुसार, कुछ संगठित गिरोह Telegram के जरिए छात्रों को कथित तौर पर प्रश्नपत्र बेचने और फर्जी पेपर लीक का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। जांच में पता चला कि कई चैनल छात्रों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक मांग रहे थे।
सबसे बड़ी चिंता Telegram के Message Edit Feature को लेकर थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, कुछ लोग परीक्षा खत्म होने के बाद पुराने मैसेज को एडिट कर उसमें असली प्रश्न जोड़ देते थे।
चूंकि Telegram पर पुराने मैसेज का मूल टाइमस्टैम्प दिखाई देता है, इसलिए ऐसा लगता था कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही पोस्ट कर दिया गया था। इसी वजह से सरकार ने Telegram के मैसेज एडिटिंग फीचर पर भी 30 जून 2026 तक रोक लगाने का आदेश दिया।
यह कार्रवाई आईटी एक्ट 2000 की धारा 69A के तहत की गई है। NTA की सिफारिश पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने यह आदेश जारी किया। जांच में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), बिहार पुलिस और अहमदाबाद साइबर सेल भी शामिल रहे।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि NEET-UG 2026 विवाद से करीब 23 लाख छात्र प्रभावित हुए थे और री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।
हालांकि Telegram के संस्थापक ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे भारत के 15 करोड़ से अधिक यूजर्स प्रभावित हुए हैं, जबकि गलत काम करने वाले लोग दूसरे प्लेटफॉर्म पर भी जा सकते हैं। दूसरी ओर सरकार का दावा है कि यह केवल अस्थायी और परीक्षा-केंद्रित कार्रवाई है।
कुल मिलाकर, Telegram पर यह रोक किसी स्थायी प्रतिबंध का हिस्सा नहीं है, बल्कि परीक्षा से जुड़ी कथित धोखाधड़ी, फर्जी पेपर लीक और छात्रों को ठगने वाले नेटवर्क पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया अस्थायी कदम है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो 22 जून के बाद Telegram की सेवाएं फिर से बहाल हो सकती हैं, जबकि कुछ फीचर्स पर रोक 30 जून तक जारी रह सकती है।




