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HEC की जमीन पर बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट की रोक, दिसंबर तक बस्तीवासियों को राहत | Diarch News
HEC की जमीन पर बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट की रोक, दिसंबर तक बस्तीवासियों को राहत
रांची के HEC बाईपास इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच झारखंड हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगाने का निर्देश दिया है। पिछले दिनों कई घरों पर कार्रवाई और विरोध के बाद बस्तीवासियों को दिसंबर 2026 तक राहत मिली है। पुनर्वास और स्थायी समाधान की मांग भी जारी है।
Sapna Kashyap
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रांची, 18 सितंबर। राजधानी रांची में बस्ती खाली कराने को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही बुलडोजर कार्रवाई पर झारखंड हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। स्थानीय लोगों और बस्ती बचाओ संघर्ष समिति के मुताबिक, अदालत के आदेश के बाद कार्रवाई पर राहत मिली है। संबंधित जमीन को HEC की बताया जा रहा है और जमीन खाली कराने की कार्रवाई को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
दिसंबर 2026 तक
कई मकान तोड़े जाने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान कई मकानों को ध्वस्त किया गया। कुछ परिवारों ने आरोप लगाया कि उन्हें घर से जरूरी सामान निकालने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। बस्ती में रहने वाले लोगों के अनुसार, कई परिवार यहां 60 साल से अधिक समय से रह रहे हैं।
विरोध के बाद हाईकोर्ट पहुंचे लोग
बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में बस्ती बचाओ संघर्ष समिति और स्थानीय लोगों की ओर से लगातार प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रभावित परिवारों और जनप्रतिनिधियों ने मामले को हाईकोर्ट में उठाया और कार्रवाई पर रोक की मांग की। इसके बाद अदालत में मामले की सुनवाई हुई।
बिना फीस अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष
वार्ड 41 की पार्षद नीलम चौधरी के मुताबिक, स्थानीय लोगों की पहल पर अधिवक्ता इंद्रजीत समेत दो वकीलों ने प्रभावित परिवारों की ओर से बिना फीस लिए अदालत में पक्ष रखा। समिति का कहना है कि इस कानूनी पहल से लोगों को तत्काल राहत मिली है।
दिसंबर तक कार्रवाई पर रोक
पार्षद के अनुसार, हाईकोर्ट ने फिलहाल दिसंबर 2026 तक बस्ती खाली कराने की कार्रवाई पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। इस अवधि में प्रशासन, जमीन के अधिकार और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर आगे की प्रक्रिया तय हो सकती है।
पुनर्वास की मांग पर जोर
बस्ती बचाओ संघर्ष समिति के संरक्षक मिंटू पासवान ने हाईकोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए मीडिया और सहयोग करने वालों का आभार जताया। समिति की मांग है कि लंबे समय से यहां रह रहे परिवारों को यदि हटाया जाता है तो उनके लिए वैकल्पिक आवास और सम्मानजनक पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।
आगे की लड़ाई पुनर्वास को लेकर
समिति का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई रोकना नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी समाधान और पुनर्वास सुनिश्चित कराना भी है। अब लोगों की नजर अदालत की आगे की सुनवाई और प्रशासन की ओर से पुनर्वास को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर है।
हाईकोर्ट के आदेश से फिलहाल राहत
अदालत के आदेश के बाद प्रभावित बस्तीवासियों को तत्काल राहत मिली है और फिलहाल बुलडोजर कार्रवाई पर विराम है। हालांकि, जमीन, मकानों और पुनर्वास का अंतिम समाधान आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगा।