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अमित शाह से मिले सुदेश महतो, कुड़मी ST दर्जे की मांग से JPSC-JSSC तक उठाए बड़े मुद्दे
आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर कुड़मी समुदाय को ST दर्जा देने की मांग की। उन्होंने JPSC-JSSC परीक्षाओं की कथित अनियमितताओं, DMF फंड और झारखंड की स्थानीय भाषाओं से जुड़े मुद्दे भी उठाए।
Sushil Kumar Singh
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नई दिल्ली, 11 सितंबर 2026 : आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने झारखंड से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की और विभिन्न मांगों को लेकर गृह मंत्री को ज्ञापन सौंपा। मुलाकात में सबसे प्रमुख मुद्दा कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मांग रही। इसके अलावा सुदेश महतो ने JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और वित्तीय गड़बड़ी के मामलों की CBI और ED जांच की मांग भी रखी।
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा
सुदेश महतो के अनुसार, झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कई मामलों ने युवाओं के बीच चिंता पैदा की है। उन्होंने ज्ञापन में दावा किया कि 39 परीक्षाएं जांच के दायरे में हैं, जबकि 6 परीक्षाओं को राज्य सरकार की ओर से स्थगित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सीधे तौर पर युवाओं के भविष्य से जुड़ी है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।
कुड़मी समुदाय को ST दर्जा देने की मांग
सुदेश महतो ने कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की लंबे समय से चली आ रही मांग को भी केंद्रीय गृह मंत्री के सामने रखा। उन्होंने कहा कि ST दर्जा मिलने से कुड़मी समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मांग पर आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया।
कुड़माली, कुड़ुख और मुंडारी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग
आजसू प्रमुख ने झारखंड की स्थानीय भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग भी रखी। विशेष रूप से उन्होंने कुड़माली, कुड़ुख और मुंडारी भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का अनुरोध किया। सुदेश महतो ने कहा कि भाषा किसी भी समाज की पहचान और सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा होती है। स्थानीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन से संबंधित समुदायों की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी।
खनिज प्रभावित परिवारों के लिए Mineral Bearing Land Cess की मांग
सुदेश महतो ने झारखंड के खनिज प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के हित में Mineral Bearing Land Cess लागू करने की मांग भी की। उन्होंने आग्रह किया कि इस मद से प्राप्त राशि का इस्तेमाल केवल खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां रहने वाले परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए किया जाए। साथ ही उन्होंने इसके उपयोग और योजनाओं की निगरानी में भारत सरकार की भूमिका तय करने का अनुरोध किया।
DMF फंड की कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग
मुलाकात के दौरान District Mineral Foundation (DMF) Fund के उपयोग में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया गया। सुदेश महतो ने DMF फंड से जुड़े मामलों की CBI जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि DMF की राशि का मूल उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां रहने वाले लोगों के हितों में विकास कार्य करना है। इसलिए फंड के इस्तेमाल में किसी भी तरह की कथित अनियमितता की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
झारखंड के कई मुद्दों पर गृह मंत्री को सौंपा ज्ञापन
सुदेश महतो ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया कि झारखंड से जुड़े इन सभी विषयों पर गंभीरता से विचार किया जाए और आवश्यक कार्रवाई की दिशा में पहल की जाए। इस मुलाकात में कुड़मी ST दर्जा, JPSC-JSSC परीक्षा, स्थानीय भाषाओं, DMF फंड और खनिज प्रभावित परिवारों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।