नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2026 : भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव को लेकर इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर का एक बड़ा बयान सामने आया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले के असाफिला और माजा क्षेत्रों में जुलाई के अंत से दोनों देशों के सैनिकों के बीच तनाव की स्थिति लगातार बनी हुई है। सीमा पर भारत ने अपनी तैनाती भी बढ़ाई है। डीजी शत्रुजीत कपूर ने गुरुवार को राजस्थान के अलवर स्थित सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज में आयोजित हिमवीर सम्मान समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा, बदलते युद्ध के तरीकों और आधुनिक तकनीक की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से बात की।
तीन उच्चस्तरीय बैठकों के बाद भी तनाव बरकरार
रिपोर्ट के अनुसार जुलाई से अब तक भारत और चीन के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों पर तीन स्तरों पर बातचीत हुई है। इनमें वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC), विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता और कोर कमांडर स्तर की बातचीत शामिल हैं। इसके बावजूद अरुणाचल प्रदेश के कुछ सीमावर्ती इलाकों में तनाव बने रहने की बात कही गई है। सीमा पर सैनिकों की गतिविधियों और तैनाती को लेकर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
ड्रोन बदल रहे युद्ध का तरीका, ITBP बढ़ाएगी क्षमता
ITBP DG शत्रुजीत कपूर ने कहा कि ड्रोन ने पारंपरिक युद्ध के तौर-तरीकों को काफी बदल दिया है। इसी को ध्यान में रखते हुए ITBP ड्रोन निर्माण और एंटी-ड्रोन क्षमता को मजबूत करने पर काम कर रही है। आधुनिक निगरानी तकनीक का इस्तेमाल सीमावर्ती क्षेत्रों में गतिविधियों पर नजर रखने और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में अहम हो सकता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास संसाधनों की सुरक्षा के लिए ITBP भूमिगत शेल्टर बनाने पर काम कर रही है।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल
सीमा पर तनाव को लेकर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया है कि चीन के मुद्दे पर सरकार का रवैया भारत के हितों के अनुकूल नहीं रहा है। जयराम रमेश ने गलवान घाटी में 2020 में हुई हिंसक झड़प का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन नीति पर सवाल उठाए। यह कांग्रेस की राजनीतिक प्रतिक्रिया है; इसे सरकार की ओर से स्वीकार किए गए तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
गलवान घाटी की झड़प के बाद गहराया था विवाद
15 जून 2020 को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच सीधी हिंसक झड़प हुई थी। इस घटना में कम से कम 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और तनाव काफी बढ़ गया था। गलवान की घटना के बाद भारत और चीन ने सीमा पर सैन्य तैनाती बढ़ाई और कई दौर की सैन्य एवं कूटनीतिक बातचीत भी की। इसके बाद सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है।
अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावे का भारत करता है विरोध
अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत और चीन के बीच लंबे समय से विवाद है। चीन राज्य के बड़े हिस्से पर दावा करता है और इसे दक्षिणी तिब्बत बताता है। भारत ने इन दावों को लगातार खारिज किया है और स्पष्ट किया है कि अरुणाचल प्रदेश देश का अभिन्न हिस्सा है। चीन समय-समय पर अरुणाचल के विभिन्न स्थानों के लिए चीनी नाम जारी करता रहा है। भारत ऐसे कदमों का विरोध करता है और कहता है कि नाम बदलने से क्षेत्र की वास्तविक स्थिति नहीं बदलती। सीमा पर मौजूदा स्थिति के बीच ITBP की ड्रोन और एंटी-ड्रोन क्षमताओं को मजबूत करने की पहल सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।




