भारत फिर बना दुनिया का छठा सबसे बड़ा शेयर बाजार, मार्केट कैप 5 ट्रिलियन डॉलर के पार
नई दिल्ली : 18 जून 2026। भारतीय शेयर बाजार ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए एक बार फिर दुनिया के छठे सबसे बड़े शेयर बाजार का स्थान प्राप्त कर लिया है। भारत का कुल इक्विटी मार्केट कैपिटलाइजेशन 5.003 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है। फरवरी 2026 में यह आंकड़ा 4.865 ट्रिलियन डॉलर था, यानी चार महीनों में बाजार मूल्य में करीब 138 अरब
डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई है।
रैंकिंग में उतार-चढ़ाव के बाद भारत की वापसी
मई 2026 में भारत का स्थान फिसलकर सातवें नंबर पर पहुंच गया था। उस समय ताइवान का मार्केट कैप लगभग 4.95 ट्रिलियन डॉलर और भारत का 4.92 ट्रिलियन डॉलर था। इसके बाद दक्षिण कोरिया भी भारत से आगे निकल गया था। लेकिन जून 2026 में बाजार में आई तेजी के बाद भारत ने फिर से छठा स्थान हासिल कर लिया।
बाजार में तेजी की प्रमुख वजहें
विश्लेषकों के अनुसार वैश्विक तनाव में कमी, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, विदेशी निवेशकों की मजबूत खरीदारी और घरेलू निवेशकों के बढ़ते भरोसे ने बाजार को मजबूती दी है। हालिया कारोबारी सत्रों में बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल मार्केट कैप में 6 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
किन सेक्टरों ने दिखाई मजबूती
बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स सेक्टर में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। इसके साथ ही मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों ने भी बाजार की तेजी में अहम योगदान दिया।
निष्कर्ष
5.003 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ भारत ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत स्थिति दर्ज की है। फरवरी 2026 के 4.865 ट्रिलियन डॉलर के मुकाबले 138 अरब डॉलर की वृद्धि ने भारतीय बाजार की मजबूती को दर्शाया है। इस उपलब्धि के साथ भारत ने दुनिया के छठे सबसे बड़े शेयर बाजार का स्थान पुनः हासिल कर लिया है।




