पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वरिष्ठ बीजेपी नेता और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री कैलाशपति मिश्र की जयंती को लेकर बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगले वर्ष से कैलाशपति मिश्र की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने 5 अक्टूबर को उनकी जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सार्वजनिक और संगठनात्मक योगदान को याद किया। FFirstBihar+1

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कैलाशपति मिश्र को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि गुजरात के पूर्व राज्यपाल और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण, समाज और संगठन की सेवा के लिए समर्पित किया।

उन्होंने कहा कि कैलाशपति मिश्र के योगदान, विचारों और सार्वजनिक जीवन में उनकी भूमिका को सम्मान देते हुए आगामी वर्ष से उनकी जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह निर्णय बिहार की धरती से जुड़े इस वरिष्ठ नेता के प्रति सरकार की श्रद्धांजलि और कृतज्ञता का प्रतीक है। FFirstBihar

बिहार बीजेपी के संगठन निर्माण में अहम भूमिका

कैलाशपति मिश्र को बिहार में बीजेपी के संगठन को शुरुआती दौर में मजबूत करने वाले प्रमुख नेताओं में गिना जाता है। बीजेपी की स्थापना 1980 में हुई थी और उसी वर्ष कैलाशपति मिश्र बिहार बीजेपी के पहले प्रदेश अध्यक्ष बने। इससे पहले वे भारतीय जनसंघ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रहे थे। FFirstBihar+1

उन्होंने पार्टी संगठन को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए बिहार के अलग-अलग हिस्सों का दौरा किया। कार्यकर्ताओं से सीधा संपर्क और गांव-गांव जाकर संगठन खड़ा करने की उनकी शैली की चर्चा लंबे समय तक होती रही। उनके दौरों से जुड़ी कई घटनाओं में उनके सादगीपूर्ण जीवन और कार्यकर्ताओं के साथ सीधे जुड़ाव का उल्लेख मिलता है। NNavbharat Times

दो बार संभाली बिहार बीजेपी की कमान

कैलाशपति मिश्र बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में दो कार्यकाल में जिम्मेदारी संभाल चुके थे। उपलब्ध विवरणों के अनुसार, वे पहली बार 1980 से 1981 तक और दूसरी बार 1984 से 1987 तक प्रदेश अध्यक्ष रहे। बाद में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और 1995 से 2003 तक बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे। NNavbharat Times+1

बिहार बीजेपी के शुरुआती विस्तार में उनकी भूमिका के कारण पार्टी के भीतर और राजनीतिक हलकों में उन्हें 'बिहार बीजेपी का भीष्म पितामह' कहा जाता रहा है। NNavbharat Times

कर्पूरी ठाकुर सरकार में रहे वित्त मंत्री

कैलाशपति मिश्र का राजनीतिक सफर केवल संगठन तक सीमित नहीं रहा। 1977 में वे बिहार विधानसभा के बिक्रम क्षेत्र से निर्वाचित हुए और कर्पूरी ठाकुर के नेतृत्व वाली सरकार में वित्त मंत्री बने। उन्होंने 1977 में बिहार सरकार में वित्त मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। NNavbharat Times+1

इसके बाद 1980 में बीजेपी के गठन के समय वे बिहार इकाई के पहले प्रदेश अध्यक्ष बने। राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी भूमिका रही और वे पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर रहे। FFirstBihar+1

गुजरात के राज्यपाल भी रहे कैलाशपति मिश्र

कैलाशपति मिश्र को वर्ष 2003 में गुजरात का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने मई 2003 से जुलाई 2004 तक गुजरात के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। इसी अवधि में उन्होंने कुछ समय के लिए राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। IIndia Today

कैलाशपति मिश्र का निधन 3 नवंबर 2012 को पटना में हुआ था। उस समय वे 89 वर्ष के थे। उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने श्रद्धांजलि दी थी और उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की घोषणा की गई थी। NNavbharat Times+1

अब राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी जयंती

कैलाशपति मिश्र की जयंती पहले से ही बीजेपी और उनके समर्थकों की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए मनाई जाती रही है। अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा के बाद अगले वर्ष से उनकी जयंती को बिहार सरकार के स्तर पर राजकीय समारोह का स्वरूप मिलेगा। FFirstBihar+1

सरकार के इस निर्णय के साथ कैलाशपति मिश्र के संगठनात्मक जीवन, सार्वजनिक योगदान और बिहार बीजेपी के शुरुआती विस्तार में उनकी भूमिका को आधिकारिक तौर पर स्मरण करने का एक नया स्वरूप सामने आएगा।