बिहार में खरीफ सीजन की धान की फसल इस समय खेतों में महत्वपूर्ण अवस्था में है। ऐसे में मौसम में अचानक बदलाव किसानों के लिए चिंता का कारण बन सकता है। मौसम विज्ञान विभाग केंद्र, पटना के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 6 और 7 अक्टूबर को राज्य के दक्षिणी-पश्चिमी हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
कुछ इलाकों में आंधी जैसी स्थिति बनने की भी आशंका जताई गई है। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में खेतों में खड़ी धान की फसल को लेकर किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
हल्की बारिश धान के लिए ठीक, लेकिन तेज हवा बन सकती है परेशानी
किसानों के बीच हस्त नक्षत्र के दौरान होने वाली हल्की बारिश को धान की फसल के लिए उपयोगी माना जाता है। सामान्य बारिश से खेतों में नमी बनी रहती है और फसल को फायदा मिल सकता है।
लेकिन बारिश के साथ तेज हवा चलने पर स्थिति बदल सकती है। तेज झोंकों के कारण खेत में खड़ी धान की फसल के गिरने यानी लॉजिंग का खतरा बढ़ जाता है। इससे उत्पादन प्रभावित होने के साथ कटाई के समय भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
दक्षिण-पश्चिम बिहार में ज्यादा नजर रखने की जरूरत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में राज्य के दक्षिणी-पश्चिमी हिस्सों में मौसम के बदलाव की संभावना जताई गई है। बक्सर समेत इन क्षेत्रों में छह और सात अक्टूबर को मौसम की गतिविधियों पर विशेष नजर रखने की जरूरत होगी।
बक्सर में मौसम को येलो श्रेणी में रखा गया है। शुक्रवार को जिले में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
किसानों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
मौसम में बदलाव को देखते हुए किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। तेज हवा की स्थिति में खेतों में खड़ी फसल का निरीक्षण करते समय भी सावधानी बरतनी चाहिए।
कृषि विज्ञानी डॉ. देवकरण ने बदलते मौसम को देखते हुए लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर उन इलाकों में जहां धान की फसल पकने की अवस्था में पहुंच रही है, वहां तेज हवा और बारिश की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
आंधी के दौरान पेड़ और बिजली के खंभों से रहें दूर
तेज हवा या आंधी की स्थिति में किसानों और आम लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों तथा कमजोर संरचनाओं के आसपास जाने से बचना चाहिए। खेत या खुले इलाके में मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर होगा।
बिहार में मौसम बदलने से तापमान पर भी असर
अगले दो दिनों में गरज-चमक, बादल और तेज हवाओं की गतिविधि बढ़ने पर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।
फिलहाल बिहार के किसानों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि 6 और 7 अक्टूबर को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें। खासकर धान की खड़ी फसल वाले इलाकों में तेज हवा और बारिश की स्थिति को देखते हुए समय रहते सावधानी बरतना जरूरी होगा।




