पटना, 23 अक्टूबर 2026 : बिहार में सड़क और पुल निर्माण से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद जग गई है। राज्य के जल संसाधन विभाग ने करीब 6,900 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं से संबंधित विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) और आवश्यक विभागीय अनुमतियों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। इनमें पटना-आरा-सासाराम फोरलेन कॉरिडोर और मुजफ्फरपुर-बरौनी NH-122 फोरलेन परियोजना प्रमुख हैं। इन अनुमतियों के बाद संबंधित परियोजनाओं के निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि सभी परियोजनाओं के लिए NOC मिलने का अर्थ यह नहीं है कि निर्माण कार्य तत्काल पूरा हो जाएगा।
पटना-आरा-सासाराम फोरलेन के पहले पैकेज को अंतिम अनुमति
पटना-आरा-सासाराम फोरलेन कॉरिडोर की अनुमानित लागत 3,712.40 करोड़ रुपये है। केंद्र सरकार ने मार्च 2025 में लगभग 120.10 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड मार्ग के लिए मंजूरी दी थी। इस परियोजना के पहले पैकेज में सासाराम के सुवारा से SH-12 पर गरहनी तक 74.432 किलोमीटर लंबी चारलेन ग्रीनफील्ड सड़क बनाने की योजना है। इसके लिए जल संसाधन विभाग ने 30 सितंबर 2026 को दूसरे चरण की अंतिम अनुमति दी। परियोजना की कुल स्वीकृत लागत में 2,989.08 करोड़ रुपये सिविल निर्माण और 718.97 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसका विकास हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत किया जा रहा है।
मुजफ्फरपुर-बरौनी NH-122 को फोरलेन बनाने की तैयारी
मुजफ्फरपुर से बरौनी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-122 के 100 किलोमीटर से अधिक हिस्से को फोरलेन बनाने की योजना है। इसकी अनुमानित लागत करीब 3,200 करोड़ रुपये बताई गई है। इस परियोजना के तहत तिरहुत मुख्य नहर के किलोमीटर 222.72 से 227.08 के बीच नहर के दोनों तटबंधों पर एलिवेटेड सड़क सह पुल का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए योजना एवं मॉनिटरिंग अंचल-2, पटना के अधीक्षण अभियंता के कार्यालय से 3 अक्टूबर 2026 को पत्र जारी किया गया था। इस परियोजना के आगे बढ़ने से संबंधित सड़क खंड पर आवागमन और कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
मोतिपुर में बनेगा आरसीसी हाई लेवल पुल
मुजफ्फरपुर जिले के मोतिपुर प्रखंड में महना से जगन्नाथपुर वाया मंसूरपुर सड़क पर तिरहुत मुख्य नहर के किलोमीटर 197.865 पर आरसीसी हाई लेवल पुल बनाने की योजना है। यह निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III के तहत प्रस्तावित है। इस पुल के लिए दूसरे चरण में अंतिम अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने के संबंध में मुख्य अभियंता, सिंचाई सृजन, जल संसाधन विभाग, मोतिहारी के कार्यालय से 6 अक्टूबर 2026 को पत्र जारी किया गया था।
क्षतिग्रस्त पुल की जगह बनेगा अस्थायी स्टील पुल
पूर्वी लिंक नहर के किलोमीटर 2.80 पर क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर अस्थायी स्टील पुल बनाने के प्रस्ताव को भी आगे बढ़ाया गया है। इसके लिए 6 अक्टूबर 2026 को पहले चरण में सैद्धांतिक सहमति से संबंधित पत्र जारी हुआ था। इस मामले में अभी आगे की विभागीय कार्रवाई बाकी है।
बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मिलेगी मजबूती ?
पटना-आरा-सासाराम फोरलेन, मुजफ्फरपुर-बरौनी NH-122 और विभिन्न पुल निर्माण परियोजनाओं से राज्य में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने में काफी मदद मिल सकती है। खासकर प्रमुख शहरों और आसपास के इलाकों के बीच आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में ये परियोजनाएं अहम मानी जा रही हैं।फिलहाल, इन परियोजनाओं के निर्माण की प्रगति और निर्धारित समयसीमा से जुड़ी आगे की आधिकारिक जानकारी पर नजर रहेगी।




