मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को कैमूर जिले के भगवानपुर प्रखंड स्थित मां मुंडेश्वरी धाम में आयोजित सहयोग शिविर कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए विकास और जनसेवा से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं कीं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया, आवेदकों की समस्याएं सुनीं और 30 दिनों के भीतर उनके समाधान का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री ने 196.06 करोड़ रुपये की लागत से 60 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 162.69 करोड़ रुपये की 20 योजनाओं का शिलान्यास और 33.36 करोड़ रुपये की 40 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र और सांकेतिक चेक भी वितरित किए।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि 19 मई से शुरू हुए सहयोग शिविर कार्यक्रम के तहत अब तक पूरे बिहार से 3.03 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें करीब 90 प्रतिशत मामलों का 30 दिनों के भीतर निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि समय सीमा में कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ स्वतः कार्रवाई की व्यवस्था लागू की गई है।

सम्राट चौधरी ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बिहार के सभी 534 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जिन 211 प्रखंडों में अभी डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां जुलाई से पढ़ाई शुरू कराने की तैयारी है। साथ ही सभी प्रखंडों में आधुनिक मॉडल स्कूल स्थापित करने की योजना पर भी काम चल रहा है।

ऊर्जा क्षेत्र में उन्होंने घोषणा की कि सरकार हर घर में सोलर पैनल लगाएगी और इसके लिए लोगों को कोई खर्च नहीं करना होगा। अतिरिक्त बिजली उत्पादन होने पर सरकार उसे खरीदकर राशि सीधे बैंक खाते में भेजेगी।

मुख्यमंत्री ने मुंडेश्वरी धाम के विकास के लिए रोप-वे, हेलीपैड, जंगल सफारी और इको-टूरिज्म परियोजनाओं की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।