जहानाबाद की चर्चित NEET छात्रा हत्याकांड मामले में पीड़ित परिवार ने एक बार फिर जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। परिजनों ने प्रेसवार्ता कर घोषणा की कि वे जल्द ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के प्रमुख नेताओं के आवास पर जाकर मामले की दोबारा जांच कराने की गुहार लगाएंगे।

परिवार ने सरकार, पुलिस, जांच एजेंसियों और संबंधित अस्पतालों की भूमिका को लेकर 21 महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए गंभीर तथ्यों, जैसे शरीर पर खरोंच, संवेदनशील अंगों पर चोट और अन्य संदिग्ध परिस्थितियों को शुरुआती इलाज करने वाले अस्पतालों ने नजरअंदाज किया या छिपाने की कोशिश की। उन्होंने सवाल किया कि संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन से अब तक सख्ती से पूछताछ क्यों नहीं की गई।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही मामले को आत्महत्या बताने का प्रयास किया गया। परिवार का कहना है कि घटनास्थल को समय पर सील नहीं किया गया, महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित नहीं रखा गया और हॉस्टल परिसर से जुड़े कई पहलुओं की गंभीर जांच नहीं हुई।

उन्होंने सीबीआई की जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चार्जशीट दाखिल करने में देरी, कुछ आरोपियों को राहत मिलने तथा कथित तौर पर कई महत्वपूर्ण तकनीकी और फोरेंसिक पहलुओं की अनदेखी से मामले की निष्पक्षता पर संदेह पैदा हुआ है। परिवार ने कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की मांग की है।

परिजनों ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी देने की मांग करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि समाज की बेटियों की सुरक्षा और न्याय की लड़ाई है। उन्होंने लोगों से न्याय की इस मुहिम में साथ आने की अपील भी की।