बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने कड़ा पलटवार किया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता हिमराज राम और परिमल कुमार ने मंगलवार को जारी एक संयुक्त बयान में कहा कि तेजस्वी यादव को वर्तमान सरकार पर आरोप लगाने से पहले अपनी पार्टी के शासनकाल का आकलन करना चाहिए।

जदयू नेताओं ने कहा कि वर्ष 1990 से 2005 तक का आरजेडी शासनकाल पूरे देश में ‘जंगलराज’ के नाम से चर्चित था। उस दौरान हत्या, लूट, अपहरण, रंगदारी और फिरौती जैसी घटनाएं आम बात थीं, जिससे आम लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना रहता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी।

प्रवक्ताओं ने दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ है। राज्य सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है तथा अपराधियों के विरुद्ध त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को लगातार मजबूत किया जा रहा है ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

जदयू ने विपक्ष द्वारा प्रस्तुत अपराध के आंकड़ों को भ्रामक बताते हुए कहा कि चुनिंदा घटनाओं के आधार पर बिहार की कानून-व्यवस्था को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि बिहार की जनता अतीत और वर्तमान दोनों परिस्थितियों को भली-भांति समझती है और यह जानती है कि राज्य में सुरक्षा और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए कानून-व्यवस्था के मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। जदयू ने भरोसा जताया कि बिहार सरकार अपराध नियंत्रण और सुशासन के अपने संकल्प पर मजबूती से कायम रहेगी।