पटना | 21 जुलाई 2026
बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र का आज दूसरा दिन है और सदन में आज जोरदार बहस और महत्वपूर्ण विधायी कार्यवाही होने की उम्मीद है। पहले दिन सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि सुधार, कराधान, नगर विकास और व्यापार सुगमता से जुड़े कुल 10 संशोधन विधेयक सदन में पेश किए थे। आज इन विधेयकों पर विस्तार से चर्चा होने के साथ आगे की विधायी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
इन 10 विधेयकों पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर
सरकार द्वारा पेश किए गए प्रमुख विधेयकों में बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026, बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक-2026, बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक-2026, बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक-2026, बिहार नगर विकास विधेयक-2026, बिहार व्यापार सुगमता विधेयक-2026, बिहार माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026, भारतीय स्टाम्प (बिहार संशोधन) विधेयक-2026, निबंधन अधिनियम (बिहार संशोधन) विधेयक-2026 तथा बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक-2026 शामिल हैं।
दाखिल-खारिज के लिए अब देना होगा 200 रुपये शुल्क
सरकार ने बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक-2026 के तहत बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया है। यदि यह विधेयक पारित होता है तो भूमि दाखिल-खारिज, अपील और पुनरीक्षण से जुड़े प्रत्येक आवेदन पर 200 रुपये का निर्धारित शुल्क देना होगा। अब तक केवल न्यायालय शुल्क स्टाम्प का प्रावधान था, लेकिन कोई निश्चित शुल्क तय नहीं था। सरकार का कहना है कि भविष्य में आवश्यकता के अनुसार इस शुल्क में संशोधन भी किया जा सकेगा।
नगर विकास और टाउनशिप पर सरकार का फोकस
सरकार ने बिहार नगर विकास विधेयक-2026 के माध्यम से राज्य में आधुनिक और सुनियोजित शहरी विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रस्ताव के अनुसार बिहार नगर विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, जो ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप, आधुनिक नागरिक सुविधाओं और नए शहरी क्षेत्रों के विकास की योजना तैयार करेगा। इसके साथ ही कृषि भूमि के गैर-कृषि उपयोग और भूमि पंजीकरण से जुड़े कानूनों में भी संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं।
ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ पर सख्त कानून
बिहार सरकार ने जुआ (प्रतिषेध) विधेयक-2026 के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ पर कड़ा शिकंजा कसने की तैयारी की है। प्रस्तावित कानून के अनुसार मोबाइल, कंप्यूटर या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में जुआ या सट्टेबाजी से जुड़े ऐप रखना भी अपराध माना जाएगा। सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलते पकड़े जाने पर बिना वारंट गिरफ्तारी और तलाशी का प्रावधान रखा गया है।
पहली बार जुआघर संचालित करने या ऑनलाइन सट्टेबाजी कराने पर छह महीने से तीन वर्ष तक की जेल और 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। वहीं दोबारा अपराध करने पर दो से पांच वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
आज सदन में हो सकती है तीखी बहस
सरकार का दावा है कि इन विधेयकों के जरिए बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, निवेश, भूमि प्रबंधन, शहरी विकास और कानून व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। वहीं विपक्ष कई प्रस्तावों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में विधानसभा के दूसरे दिन सदन में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।




