मधेपुरा, 24 अगस्त 2026 : सावन के अंतिम सोमवार पर बिहार के प्रसिद्ध सिंहेश्वर धाम मंदिर में भारी भीड़ के कारण अफरा-तफरी मच गई। जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच धक्का-मुक्की शुरू होने से कई लोग गिर पड़े। इस घटना में करीब आठ श्रद्धालु घायल हुए हैं। वहीं, एक महिला श्रद्धालु लोहे की बैरिकेडिंग पर गिर गई, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और सिर फट गया। घायलों को इलाज के लिए JNKT मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी को भी चोट लगी और उनकी वर्दी फट गई।
पट खुलते ही उमड़ी हजारों की भीड़
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, रात करीब एक बजे सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद मंदिर के पट खुले। इसके बाद हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर में पहुंच गए। भीड़ बढ़ने के साथ ही बैरिकेडिंग के पास दबाव बढ़ गया और श्रद्धालुओं के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। कतार टूटने के बाद कुछ लोग जमीन पर गिर गए, जिससे कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी दौरान एक महिला श्रद्धालु बैरिकेडिंग पर गिर गईं और उनके सिर में चोट लग गई।
प्रशासन ने संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही मधेपुरा डीएम, एसपी, एसडीएम और एसडीपीओ मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर भीड़ को नियंत्रित किया गया और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित कतार में लगाया गया। करीब आधे घंटे की अफरा-तफरी के बाद स्थिति पर काबू पा लिया गया। फिलहाल मंदिर में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना जारी है। मंदिर न्यास समिति ने श्रद्धालुओं से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है।
देवघर में चार किलोमीटर लंबी कतार
सावन के अंतिम सोमवार को बिहार और झारखंड के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। देवघर बाबा बैद्यनाथ मंदिर में करीब 4 किलोमीटर लंबी कांवरियों की कतार देखी गई।वहीं, समस्तीपुर के थानेश्वर स्थान मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। रविवार शाम से ही कांवरियों का पहुंचना शुरू हो गया था। सुल्तानगंज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल लेकर देवघर के लिए रवाना हो रहे हैं। अनुमान के मुताबिक, करीब सात लाख श्रद्धालुओं के विभिन्न गंगा घाटों से जल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने की संभावना है।
अंतिम सावन सोमवार पर मंदिरों में उमड़ी भीड़
सावन के अंतिम सोमवार के मौके पर पटना, भागलपुर, समस्तीपुर, देवघर समेत कई शहरों के शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं। मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज रहे हैं। श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर रहे हैं। अंतिम सोमवार होने के कारण कई प्रमुख मंदिरों में प्रशासन की ओर से सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।
नंदी की पूजा को लेकर मान्यता
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा के अनुसार, सावन सोमवार पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के बाद नंदी की पूजा करने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नंदी के कान में अपनी मनोकामना कहने से भगवान शिव तक प्रार्थना पहुंचती है। हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं आस्था पर आधारित हैं और इनके वैज्ञानिक प्रमाण का दावा नहीं किया जाता।




